एक दिन बैंक हड़ताल से पड़ा करोड़ो रूपये के लेन देन पर प्रभोह्ल

0
1737

चंडीगढ़ : अपनी वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर सार्वजनिक क्षेत्र के २७ बैंक के लगभग १० लाख बैंक कर्मचारी

bank-strike

पुर देश भर में अलग अलग दिन हड़ताल का आयोजन किया गया। जिसमें बुधवार को चंडीगढ़ के जोन के सभी बैंककॢमयों ने हड़ताल में हिस्सा लिया । हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं जैसे चेक निपटान एवं सीधे बैंक से धन निकासी का काम प्रभावित हुआ है।  देश के  सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक सहित सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंक के कर्मचारियों के इसमें शामिल हुए। वहीं बैंक कर्मचारियों के प्रमुख संगठनों यूनाइटेड फ ोरम बैंक यूनियंस और नेशनल अर्गेनाइजेशन ऑफ  बैंक वर्कर्स ने आरोप लगाया है कि बैंक प्रबंधन के पुराने रुख पर कायम रहने की वजह से बुधवार को हड़ताल का सहारा लेना पड़ा है।

इसके बार में यूनाइटेड फ ोरम बैंक यूनियंस चंडीगढ़ के प्रधान एचएसबी बत्रा ने बताया कि  श्रमिक संगठनों ने वेतन में २५ प्रतिशत वृद्धि की मांग को कम कर २३ फ ीसदी कर दिया है लेकिन भारतीय बैंक संघ ११ प्रतिशत बढ़ोत्तरी के पुराने रुख पर अड़ा हुआ है।  इस संबंध में संघ के साथ कर्मचारी संघों की बैठक बेनतीजा रही थी।  इसके मद्देनजर बुधवार को हड़ताल की गई।  उन्होंने आगे कहा कि मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला इसीलिए यूनियनों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय किया है।

Also Read :   The startling Secret for Shiny, Healthier and Gorgeous Hair - Kérastase

बैंक स्कवेयर में घुमे २ हजार बैंक अफ्सिरBL22_BANK1_1185590g

बुधवार को हड़ताल के दौरान शहर के लगभग २५० बैंक शाखाएें बंद रही और लगभग २ हजार बैंक अफिसर ने इस हड़ताल में हिस्सा लिया। बुधवार सुबह करीब साढ़ ग्याहर बजे सभी अफिसर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के लोकल हैड आफिस के आगे इक्टठा हुए और इसके बाद सभी बैंक अफ्सिर बैंक स्कवेयर में हर बैंक के आगे रैली निकाल बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच के आगे भारतीय बैंक संघ के खिलाफ नारेबाजी भी की।

हड़ताल से पड़ा करोड़ो रूपये लेन देन पर प्रभाव

बत्रा ने बताया कि यंू तो देशभर में बैंक की एक दिन की हड़ताल रही है। परंतु अगर अकेला चंडीगढ़ शहर को देखा जाए तो शहर में सरकारी और गैर सरकारी दोनों विभाग के करोड़ो रूपयों के लेन देन प्रभावित हुआ। वहीं फोरम ने ग्राहक  की सुविधा के लिए शहर के सभी एटीएम पुरी तरह काम करते रहे। बत्रा ने बताया कि उनका ेिवरोध केवल भारतीय बैंक संघ के साथ है न कि ग्राहकों के साथ । उन्होनें कहा कि अगर फोरम की हड़ताल से ग्राहकों असुविधा हुई तो वो उसके लिए ग्राहकों से क्षमा से चाहते है।

निजी बैंक की सभी शाखाओं में हुआ काम

एक दिन की इस हड़ताल से सरकारी बैंकिंग सेवाएं जैसे चेक निपटान एवं सीधे बैंक से धन निकासी का काम प्रभावित हुआ है। हालांकि निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई, एचडीएफ सी बैंक, एक्सिस बैंक , कोटक महिन्द्रा बैंक और  यश बैक की सभी शाखाएं खुली रही ।

Also Read :   ਖੱਟਰ ਨੇ 9 ਮੰਤਰੀਆਂ ਸਮੇਤ ਹਰਿਆਣਾ ਦੇ 10ਵੇਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਵਜੋਂ ਲਿਆ ਹਲਫ਼ ਲਿਆ

उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वेतन वृद्धि संबंधी मामला नवंबर  २०१२ से लंबित है।

इससे पहले साल की शुरूआत में १० फ रवरी को आईबीए के साथ बातचीत विफ ल रहने के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने २ दिन की हड़ताल की थी। जिसके बाद बैंक कर्मियों ने कई बार हड़ताल का सहारा लिया। इस बार तो एक माह के अंतराल में दो बार हड़ताल की गई। इससे पहले १२ नवंबर को भी पुरे देश में कए दिन की हड़ताल की गई थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here